बचत का महत्व...

बचत का महत्व....!!! एक किसान था। इस बार वह फसल कम होने की व‍जह से चिंतित था।


घर में राशन ग्यारह महीने चल सके उतना ही था। बाकी एक महीने का राशन का कहां से इंतजाम होगा।
 यह चिंता उसे बार-बार सता रही थी। किसान की बहू का ध्यान जब इस ओर गया तो उसने पूछा ?
पिताजी आजकल आप किसी बात को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। तब किसान ने अपनी चिंता का कारण बहू को बताया।
किसान की बात सुनकर बहू ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह किसी बात की चिंता न करें। उस एक महीने के‍ लिए भी अनाज का इंतजाम हो जाएगा। जबचत का महत्व...ब पूरा वर्ष उनका आराम से निकल गया तब किसान ने पूछा कि आखिर ऐसा कैसे हुआ? बहू ने कहा- पिताजी जब से आपने मुझे राशन के बारे में बताया तभी से मैं जब भी रसोई के लिए अनाज निकालती उसी में से एक-दो मुट्‍ठी हर रोज वापस कोठी में डाल देती। बस उसी की वजह से बारहवें महीने का इंतजाम हो गया।

 शिक्षा : ‍इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जीवन में बचत की आदत डालना चाहिए। ताकि किसान की तरह बुरे वक्त में जमा पूंजी काम आ सके...!!!!

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